राजस्थान में मौसम का झटका: बारिश के बाद हीटवेव का कहर
जयपुर: राजस्थान के विभिन्न अंचलों में इन दिनों भीषण गर्मी और मौसम के बदलते मिजाज का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आगामी 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में तेज धूलभरी आंधी, बादलों की गर्जना और छिटपुट बूंदाबांदी की स्थितियां बन सकती हैं। इस मौसमी बदलाव के चलते पारे में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की मामूली गिरावट आने की उम्मीद है जिससे झुलसाती गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। हालांकि यह सुकून अल्पकालिक रहने वाला है क्योंकि विभाग ने संकेत दिए हैं कि 17 मई के बाद से पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर प्रचंड लू अपना रौद्र रूप दिखाएगी।
आंधी और बारिश के साथ पारे में उतार-चढ़ाव
आगामी 14 और 15 मई को बीकानेर संभाग सहित शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी आक्रामक रह सकता है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं, जिसके साथ हल्की वर्षा और बिजली कड़कने की भी प्रबल संभावना है। गुरुवार को भी राज्य के कई हिस्सों में ऐसा ही मिला-जुला प्रभाव देखा गया जहां जैसलमेर और बाड़मेर में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़े तो वहीं शाम होते-होते जयपुर, अलवर और सीकर में हुई बारिश ने पारे को करीब 5 से 6 डिग्री तक नीचे लुढ़का दिया जिससे स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिली।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भीषण लू की चेतावनी
प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में फिलहाल राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं और वहां अधिकतम तापमान निरंतर 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 17 मई के बाद से इन क्षेत्रों में भी हीटवेव का नया दौर शुरू होगा जो आम जनजीवन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और स्थानीय वायुमंडलीय बदलावों के कारण कुछ स्थानों पर शाम के समय धूलभरी हवाएं चलने का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे उमस और तपिश के बीच उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।
स्वास्थ्य के प्रति सावधानी और विशेषज्ञों के परामर्श
लगातार बढ़ते तापमान और आने वाले दिनों में और भी तीव्र होने वाली लू को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर के समय जब सूरज की तपिश अपने चरम पर हो, तब अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने और शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए निरंतर तरल पदार्थों का सेवन करने को कहा गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भले ही बीच-बीच में आंधी और बारिश से राहत मिलती रहे, लेकिन मई के बाकी दिनों में दिन के समय प्रचंड गर्मी का प्रकोप बना रहेगा, इसलिए हीटवेव से बचाव के सभी मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
