पत्थरों से टकराकर अनियंत्रित हुआ ट्रक, डिवाइडर पर चढ़ने से मची अफरा-तफरी
मुरैना: नेशनल हाईवे क्रमांक-44 पर स्थित वन चौकी के सामने बुधवार को उस वक्त चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब एक बेकाबू रफ्तार ट्रक वन विभाग द्वारा सुरक्षा के लिए रखे गए भारी-भरकम पत्थरों को रौंदते हुए सीधे डिवाइडर पर जा चढ़ा। इस भीषण टक्कर में चौकी पर तैनात वनकर्मी बाल-बाल बच गए, लेकिन हादसे के बाद हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात बुरी तरह चरमरा गया।
रेत माफिया को रोकने के लिए रखे पत्थरों से हुई टक्कर, फटा डीजल टैंक
मिली जानकारी के मुताबिक, इलाके में अवैध रेत माफिया की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और उनकी संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए वन विभाग ने एहतियातन वन चौकी के ठीक सामने सड़क किनारे बड़े-बड़े पत्थर रखवाए थे। इसी बीच हाईवे से गुजर रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे इन पत्थरों से जा टकराया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वह डिवाइडर के ऊपर चढ़ गया। इस हादसे में ट्रक का डीजल टैंक फट गया, जिससे हाईवे पर सैकड़ों लीटर डीजल बहने लगा।
हादसे के बीच उमड़ी भीड़, बाल्टियां लेकर डीजल लूटने पहुंचे लोग
दुर्घटना के बाद जहां एक तरफ नेशनल हाईवे पर वाहनों के पहिये थम गए, वहीं दूसरी तरफ अजीब नजारा देखने को मिला। टैंक फटने से सड़क पर बह रहे डीजल को देखकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर बाल्टियां, डिब्बे और बोतलें लेकर मौके पर पहुंच गए। लोग पुलिस के आने से पहले सड़क से डीजल बटोरकर भागने की होड़ में लग गए।
चौकी के पास तैनात वनरक्षकों को मिला जीवनदान
चश्मदीदों का कहना है कि हादसा बेहद खौफनाक था। अगर बेकाबू ट्रक महज कुछ फीट और आगे बढ़ जाता, तो वह सीधे वन चौकी की इमारत को ध्वस्त कर देता। गनीमत रही कि उस वक्त वहां ड्यूटी पर मौजूद वनरक्षक इसकी सीधी चपेट में आने से बच गए और एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हाईवे से हटाकर किनारे किया गया, जिसके बाद घंटों से फंसे यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया जा सका। इस घटना ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
