अस्पतालों के उन्नयन और नई सुविधाओं पर विशेष फोकस
जयपुर|राज्य विधानसभा ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (मांग संख्या-27) तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग (मांग संख्या-28) की अनुदान मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बहस का जवाब देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट, आधारभूत संरचना और मानव संसाधन तीनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे शहरों से लेकर गांव-ढाणी तक चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार हुआ है। सदन ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 158 अरब 55 करोड़ 37 लाख 75 हजार रुपये तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 61 अरब 30 करोड़ 85 लाख 94 हजार रुपये की अनुदान मांगों को मंजूरी दी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुरूप व्यय
मंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार किसी भी देश को अपनी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 7.5 प्रतिशत स्वास्थ्य पर व्यय करना चाहिए। राजस्थान इस मानक के अनुरूप 7.5 प्रतिशत बजट स्वास्थ्य क्षेत्र पर खर्च कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 में स्वास्थ्य बजट 13,542 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 32,531 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वर्ष 2024-25 में यह 27,713 करोड़, 2025-26 में 31,880 करोड़ तथा 2026-27 में 32,531 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
23 नए मेडिकल कॉलेज, 6,400 शैय्याओं की वृद्धि
मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी की प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की नीति के तहत वर्ष 2016 के बाद राजस्थान में 23 नए चिकित्सकीय महाविद्यालय स्थापित हुए हैं। वर्तमान में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लगभग 10,540 करोड़ रुपये की लागत से 186 नए चिकित्सा संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। पिछले दो वर्षों में अस्पतालों में 6,400 शैय्याओं की वृद्धि की गई है और प्रदेश में 20 हजार से अधिक चिकित्सा संस्थान संचालित हो रहे हैं।
चिकित्सा संस्थानों का विस्तार और सुविधाओं में इजाफा
दो वर्षों में 6 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 84 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 61 उप जिला अस्पताल, 14 जिला अस्पताल तथा 18 उपग्रह अस्पताल खोले गए हैं। चिकित्सकीय महाविद्यालयों से संबद्ध अस्पतालों में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘अटल आरोग्य भोजनालय’ स्थापित किए जाएंगे। साथ ही जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर के मेडिकल कॉलेजों के मुख्य अस्पतालों में 500 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक विश्राम गृह बनाए जाएंगे।
दो वर्षों में 35 हजार से अधिक भर्तियां
मंत्री ने बताया कि दो वर्षों में 35 हजार से अधिक भर्तियां की गई हैं तथा 14 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। नवचयनित कार्मिकों को बिना किसी सिफारिश के ‘राज स्वास्थ्य पोर्टल’ के माध्यम से वरीयता के आधार पर नियुक्ति दी गई है। इससे आदिवासी एवं सीमावर्ती क्षेत्रों सहित सभी इलाकों में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हुआ है और अधिकांश आघात केंद्र तथा प्रथम रेफरल इकाइयां क्रियाशील हो गई हैं।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पिछले दो वर्षों में 37 लाख से अधिक मरीजों को 7,500 करोड़ रुपये से अधिक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया गया है। पहले जहां 1,806 उपचार पैकेज थे, अब 2,179 पैकेज उपलब्ध हैं। सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या 1,761 से बढ़कर 1,945 हो गई है। अब इस योजना के तहत सामान्य बुखार से लेकर रोबोटिक शल्य चिकित्सा और प्रत्यारोपण तक का उपचार उपलब्ध है। लगभग 88 प्रतिशत परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। अंतर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी लागू होने से अन्य राज्यों के नागरिक भी राजस्थान में तथा राजस्थान के नागरिक अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार प्राप्त कर सकते हैं।
