अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग को मिलेगा आरक्षण
लखनऊ|प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अनिश्चितता पर सरकार ने विराम लगा दिया है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 तक हर हाल में करा लिए जाएंगे। हाईकोर्ट के आदेश का पालन होगा और प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अड़चन नहीं आने दी जाएगी।
राजभर ने बताया कि ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्षों के कार्यकाल भले अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहे हों, लेकिन किसी का भी कार्यकाल जुलाई से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए चुनाव कार्यक्रम तय किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक मशीनरी को तैयारी संबंधी निर्देश दिए गए हैं।
ओबीसी आरक्षण को लेकर मंत्री ने कहा कि अगली कैबिनेट बैठक में पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी मिल जाएगी। आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर ही तय होगा और कोई नई गणना नहीं कराई जाएगी। पूर्व में लागू आरक्षण चक्र को ही जारी रखा जाएगा। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आयोग की रिपोर्ट मिलते ही सीटों का आरक्षण तय कर चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया जाएगा।
त्योहार परंपरा के दायरे में मनाएं : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ और सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। त्योहार परंपरा के दायरे में और सद्भाव से मनाए जाएं। अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जो दूसरों के लिए नजीर बने। उन्होंने बाइक स्टंटबाजी पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए, ताकि हादसे न हों।
त्योहारों को लेकर सभी जिलों के अधिकारियों संग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीएम ने कहा कि हर हाल में शांति, सुरक्षा और अनुशासन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। धार्मिक आयोजनों में पारंपरिक स्वरूप का पालन हो और नई परंपराओं की अनुमति न दी जाए। नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश और स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता इंतजाम करने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर रखने के निर्देश भी दिए।
बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में हाल में हुई आपराधिक घटनाओं का सीएम ने संज्ञान लिया। सीएम ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। चेन स्नेचिंग रोकने के लिए पीआरवी-112 गश्त बढ़ाने को कहा। साथ ही एलपीजी आपूर्ति में कृत्रिम कमी, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पहुंचने लगे हैं मतपत्र
यूपी के अमेठी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य पदों) के मतपत्र पहुंच चुके हैं। चुनाव की तैयारियों के बीच, अमेठी जिले में कुल 682 ग्राम पंचायतों के लिए 16,07,921 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह मतपत्र पुलिस-पीएसी की सुरक्षा में स्ट्रांग रुम में रखवाए गए हैं।
जिले में 682 ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य के लगभग 8,630 पद, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 877 पद और जिला पंचायत सदस्य के 36 पदों पर चुनाव होंगे। चुनाव अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच होने की संभावना है। चुनाव आयोग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 16,07,921 है। इन मतदाताओं के लिए विभिन्न पदों के लिए पर्याप्त संख्या में मतपत्र भेजे गए हैं।
जिला पंचायत सदस्य के लिए 20,87,000 मतपत्र, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 19,63,200 मतपत्र, ग्राम प्रधान के पद के लिए 20,24,500 मतपत्र और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 88,67,000 मतपत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इन मतपत्रों की संख्या मतदाताओं की कुल संख्या से अधिक रखी गई है ताकि किसी भी प्रकार की कमी न हो और चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
इन मत पत्रों पर चुनाव चिन्ह छापकर संबंधित ग्राम सभाओं में भेजा जाएगा। मतपत्रों को स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। सुरक्षा के लिए डबल लॉक सिस्टम अपनाया गया है। यहां पर पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है। पंचायत चुनावों में इन्हीं मत पत्रों से मत पड़ेंगे। मत पत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण हो चुका है। अनंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। छह फरवरी तक इसको लेकर शिकायत की जा सकेगी। छह मार्च को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी।
