बांसवाड़ा में बारिश का काउंटडाउन शुरू, अगले 24 घंटे रहेंगे अहम
जयपुर:राजस्थान में भीषण गर्मी और उमस का सामना कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में मानसून की एंट्री का लंबा इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मानसूनी हवाओं के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं, जिसके चलते अगले कुछ ही घंटों के भीतर मानसून राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर जाएगा। वर्तमान में मानसून राजस्थान के दक्षिणी द्वार कहे जाने वाले बांसवाड़ा जिले के बेहद नजदीक पहुंच चुका है। इसी के असर से 2 जुलाई से ही प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, मेघगर्जन और झमाझम बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज होने लगी है, जिससे तापमान में भी गिरावट आ रही है।
आगामी 24 घंटों में बढ़ेगा बारिश का दायरा
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मानसून के आगे बढ़ने के साथ ही राज्य के उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान बादलों की आवाजाही और बारिश का क्षेत्र काफी व्यापक हो जाएगा। शुरुआती दौर में हल्की से मध्यम बारिश के बाद मानसून की सक्रियता और अधिक बढ़ने की उम्मीद है। मौसम केंद्र ने विशेष रूप से सचेत करते हुए बताया है कि आगामी 4 और 5 जुलाई को कोटा तथा उदयपुर संभाग के कुछ चुनिंदा इलाकों में मूसलाधार से लेकर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासनों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कई जिलों के लिए तात्कालिक चेतावनी और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए तात्कालिक चेतावनी (नाउकास्ट) जारी करते हुए नागरिकों से एहतियात बरतने की अपील की है। राजधानी जयपुर सहित अजमेर, ब्यावर, टोंक, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन, आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने के आसार हैं। यही स्थिति बूंदी जिले में भी बनी हुई है। इसके साथ ही पाली, राजसमंद, सीकर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, करौली, दौसा, अलवर, उदयपुर, सलूंबर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ फुहारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में दिखेगा मानसून का रौद्र रूप
मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि मानसून के पूरी तरह स्थापित होने के बाद दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के जिलों में वर्षा की तीव्रता में अभूतपूर्व बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। कोटा और उदयपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले नदी-नालों के जलग्रहण क्षेत्रों में 4 और 5 जुलाई को होने वाली अतिभारी बारिश के चलते जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। इस मानसूनी तंत्र के सक्रिय होने से न केवल बांधों में पानी की आवक अच्छी होगी, बल्कि पिछले कई हफ्तों से रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे आम नागरिकों को उमस भरी हवाओं से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी और पूरा मौसम सुहाना हो जाएगा।
पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में भी बदलेगा मिजाज
पूर्वी हिस्सों के साथ-साथ अब तक सूखे और लू की मार झेल रहे पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी मौसम की करवट साफ देखने को मिलने वाली है। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, 3 से 4 जुलाई के बीच इन रेतीले संभागों में भी मौसमी तंत्र सक्रिय हो जाएगा। इसके प्रभाव से 3 से 6 जुलाई के दौरान मरुस्थलीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी तेज आंधी चलने और गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना है, जिससे पश्चिमी राजस्थान के तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की जाएगी।
