राजनीतिक बदलाव: गोगुंदा में 4 सरपंच समेत 51 लोग हुए भाजपा में शामिल
उदयपुर: राजस्थान के गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। गोगुंदा और सायरा पंचायत समिति क्षेत्रों के 4 मौजूदा सरपंचों सहित कुल 51 कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सभी नए सदस्यों को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया और संगठन में शामिल किया।
भाजपा की 'ग्राम रथ योजना' के बीच बड़ी सेंधमारी
यह पूरा घटनाक्रम गोगुंदा के रावलिया कला स्थित ऋषिकेश राय धाम में आयोजित 'भाजपा चौपाल ग्राम रथ योजना' के दौरान सामने आया। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का भव्य स्वागत ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और जेसीबी से पुष्पवर्षा कर किया गया। इस मौके पर कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं का भाजपा में शामिल होना आगामी स्थानीय चुनावों के लिहाज से कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
इन प्रमुख चेहरों ने बदला पाला
भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली के अनुसार, सदस्यता ग्रहण करने वालों में सायरा सरपंच संघ के अध्यक्ष वालाराम गमेती, सायरा सरपंच सुरमा राम गरासिया, करदा सरपंच टमु बाई और सीमांद सरपंच सहित वार्ड पंच वना राम गमेती जैसे कद्दावर नाम शामिल हैं। इनके अलावा सिंघाड़ा, सेमड़ और सामल क्षेत्र के दर्जनों ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों में विश्वास जताते हुए भाजपा की सदस्यता ली।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन
इस अवसर पर भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे, जिनमें जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और गोगुंदा विधायक प्रतापलाल गमेती प्रमुख थे। कार्यक्रम के दौरान न केवल राजनीतिक नियुक्तियां हुईं, बल्कि सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए गए। जैन समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष का नागरिक अभिनंदन किया।
कार्यकर्ताओं में उत्साह और भविष्य की रणनीति
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने सदस्यता अभियान के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की मजबूती पर जोर दिया। कार्यक्रम के बाद वे भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चन्द्रगुप्त सिंह चौहान के निवास पर भी पहुंचे और उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। गोगुंदा क्षेत्र में एक साथ इतने सरपंचों का भाजपा में जाना क्षेत्र के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है।
