फरीदाबाद: कष्ट निवारण समिति की पहल, समस्याओं का त्वरित समाधान
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सम्मेलन केंद्र में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। मंत्री राव नरबीर सिंह की अध्यक्षता में चली इस बैठक में कुल 18 परिवाद रखे गए जिनमें से 16 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया, जबकि दो मामलों को अगली बैठक तक के लिए सुरक्षित रखा गया। बैठक के दौरान कई मामलों में तत्काल फैसले लिए गए तो कुछ में जांच समितियां गठित कर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े परिवादों पर बारीकी से सुनवाई हुई। मंत्री राव नरबीर सिंह ने शुरुआत में ही स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि वास्तविक राहत देना है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि फाइलों में समाधान नहीं जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी और मानवीय दृष्टिकोण से समाधान होना चाहिए ताकि आम आदमी का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।बैठक में सबसे पहले संपत्ति विवाद से जुड़ा एक मामला उठा जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि प्लॉट की रजिस्ट्री के लिए पहले तय राशि के बाद अतिरिक्त पैसे मांगे जा रहे थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नियमों के तहत रजिस्ट्री कराई जाए और किसी भी तरह की अवैध वसूली स्वीकार्य नहीं होगी। मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए गए।
लोगो की समस्याओं का किया समाधान
राजीव कॉलोनी में पार्क के बीच से गुजर रही 11 हजार केवी बिजली लाइन का मामला भी गंभीरता से लिया गया। स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए मंत्री ने बिजली विभाग को तत्काल लाइन शिफ्ट करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया तेज की जाएगी ताकि बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा खत्म हो सके। ग्राम सोतई के ट्यूबवेल ऑपरेटर के वेतन से जुड़ी शिकायत पर भी त्वरित फैसला लिया गया। कर्मचारी का पुराना वेतन लंबे समय से रुका हुआ था। जांच के बाद मंत्री ने तत्काल भुगतान के आदेश दिए ताकि प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।
शिक्षा से जुड़े मामलों पर गंभीर दिखे मंत्री
शिक्षा विभाग से जुड़ा संवेदनशील मामला भी सामने आया जिसमें एक कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से पहले मृत्यु हो गई थी लेकिन उसके परिवार को देय फंड और बोनस का भुगतान नहीं हुआ था। मंत्री ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एक निजी स्कूल में शिक्षकों को समय पर वेतन न मिलने की शिकायत पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। अधिकारियों को स्कूल प्रबंधन से तुरंत बात कर बकाया वेतन दिलाने और भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने देने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने को कहा गया।
झूठी शिकायत देने वाले पर होगी एफआईआर
बैठक में अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज के पास दर्ज कराई गई एक शिकायत की जांच में यह पाया गया कि मामला झूठा था। इस पर मंत्री ने पुलिस को संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए ताकि बेबुनियाद शिकायतों पर लगाम लगाई जा सके और प्रशासनिक समय का दुरुपयोग न हो। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक मामले में दिव्यांग व्यक्ति की डिसेबिलिटी जांच दोबारा कराने और पात्रता के अनुसार प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए जिससे उसे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
हत्या के मामले में समिति गठित
बैठक का सबसे अहम फैसला एनआईटी-01 मार्केट में हुई हत्या के मामले से जुड़ा रहा। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम, डीएसपी और ग्रीवेंस कमेटी के एक सदस्य को शामिल कर तीन सदस्यीय समिति गठित की गई जो पूरे मामले की नए सिरे से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
अवैध निर्माण पर एक्शन
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की जमीन पर अवैध निर्माण की शिकायत पर भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए। मंत्री ने अवैध ढांचे को ध्वस्त करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके अलावा गांव मोहना और मोहियापुर के लोगों द्वारा यमुना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर जताई गई चिंताओं पर भी विचार हुआ। इस मामले में एसडीएम की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।इस बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा, बड़खल विधायक धनेश अदलक्खा, एनआईटी विधायक सतीश फागना, महापौर प्रवीण जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल, बल्लभगढ़ भाजपा जिलाध्यक्ष सोहन पाल सिंह, जिला परिषद चेयरमैन विजय लोहिया, पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता, उपायुक्त आयुष सिन्हा, एडीसी सतबीर मान, निगम अतिरिक्त आयुक्त सलोनी शर्मा, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
