वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन पर जोर दिया
नई दिल्ली। एलजी तरनजीत सिंह संधू सोमवार को भलस्वा लैंडफिल साइट पर कचरा निपटान देखने पहुंचे। उन्होंने नई तकनीक अपनाने और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए। एलजी ने साइट का दौरा कर वहां चल रहे बायो-रिमेडिएशन और कचरा निपटान के काम की समीक्षा की। उन्होंने पुराने कूड़े को तेजी से खत्म करने और बेहतर तकनीक अपनाने को कहा। एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने उन्हें बायोमाइनिंग और कचरा प्रबंधन के मौजूदा काम की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक साल में पुराने कूड़े को कम करने में सुधार जरूर हुआ है, लेकिन स्थायी नतीजे पाने के लिए काम की रफ्तार और बढ़ानी होगी। एलजी ने निर्देश दिए कि कचरा निपटान में दुनिया की बेहतर तकनीकों और तरीकों को अपनाया जाए और विशेषज्ञों की मदद ली जाए। सिर्फ पुराने कूड़े को हटाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि रोज पैदा होने वाले नए कचरे का भी सही तरीके से प्रबंधन जरूरी है। इसके लिए संतुलित और लंबे समय की योजना बनानी होगी।
सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
गर्मी के मौसम को देखते हुए उपराज्यपाल ने लैंडफिल साइट पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आग जैसी घटनाओं से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम जरूरी हैं और सभी साइट पर सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्ती से लागू किए जाएं। वहां काम कर रहे श्रमिकों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रमिकों के लिए जरूरी स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
आरडब्ल्यूए को जोड़े निगम
उपराज्यपाल ने कहा कि कचरा प्रबंधन में जनता की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। इसके लिए आरडब्ल्यूए और बाजार संघों को गीले और सूखे कचरे को अलग करने के अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सही तरीके से कचरा अलग करना बायो-रिमेडिएशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
