ओरण विवाद के बाद असर: विधायक भाटी की सिक्योरिटी घटी, बयान चर्चित
बाड़मेर | बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा में अचानक की गई कटौती ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। उनकी सुरक्षा में तैनात चार जवानों में से तीन को हटा लिया गया है, जिसके बाद अब उनके पास केवल एक पीएसओ (PSO) बचा है।
प्रशासन का निर्णय- भाटी
सुरक्षा कम किए जाने पर विधायक भाटी ने पुष्टि की कि उन्हें सुरक्षाकर्मियों के जरिए पुलिस लाइन बुलाए जाने की जानकारी मिली। इस पर शांत प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षा घटाना प्रशासन का अधिकार है और वह इस फैसले का सम्मान करते हैं।

ओरण संरक्षण के लिए मुखर रहे हैं विधायक
रविंद्र सिंह भाटी पिछले लंबे समय से गोचर भूमि, ओरण रक्षा और सोलर कंपनियों के खिलाफ मुखर रहे हैं। हाल ही में जयपुर में हुए ओरण संरक्षण आंदोलन में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही थी। ऐसे में अचानक सुरक्षा कम किए जाने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
जनता ही मेरी रक्षक- रविंद्र सिंह भाटी
सुरक्षा हटने पर भाटी ने बेबाकी से कहा कि वह सुरक्षा के भरोसे नहीं, बल्कि जनता के भरोसे राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा, "जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय। मेरी असली ताकत जनता है और उनके हितों के लिए मैं हर जोखिम उठाने को तैयार हूं।" भाटी ने स्पष्ट किया कि जेल या मुकदमों जैसी चुनौतियां उन्हें जनहित के मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकतीं।
अब मात्र एक गनमैन तैनात
सूत्रों के अनुसार, विधायक की सुरक्षा में पहले एक स्थायी और तीन अतिरिक्त पीएसओ तैनात थे। तीनों अतिरिक्त कर्मियों को वापस बुलाए जाने के बाद अब विधायक की सुरक्षा का पूरा जिम्मा महज एक गनमैन के कंधों पर है।
