चारण समाज ने सार्वजनिक तौर पर विरोध जताया
जयपुर। राजस्थान की राजनीति से जुड़े एक चर्चित घटनाक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे और पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। 60 वर्ष की उम्र में उनका नाम नीरजा सिंह चारण के साथ जुड़ने से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है। नीरजा चारण पाली जिले के खीनामड़ी गांव की निवासी हैं और जोधपुर में एक कार शोरूम में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों की मुलाकात पेशेवर तौर पर हुई, जो समय के साथ नजदीकी संबंध में बदल गई। पत्नी चित्रा सिंह के निधन के बाद मानवेंद्र के जीवन में यह रिश्ता चर्चा का विषय बना। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और पोस्ट्स ने मामले को और तूल दिया है। एक होटल कार्यक्रम की तस्वीरों और ‘हैप्पी बर्थडे नीरजा’ लिखे केक ने रिश्ते को लेकर कयासों को और मजबूत किया।
इस बीच परिवार के भीतर भी विरोध सामने आया। मानवेंद्र की 90 वर्षीय मां शीतल कंवर ने सार्वजनिक रूप से इस रिश्ते का विरोध किया। वहीं, उनके बेटे हमीर सिंह की ओर से भी नोटिस जारी कर परिवार ने इस संबंध को स्वीकारने से इनकार कर दिया। मामला अब सामाजिक स्तर पर भी तूल पकड़ चुका है। चारण समाज की बैठक में इस संबंध के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। समाज के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मानवेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। चारण समाज के प्रांतीय अध्यक्ष सीडी देवल का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने राजपूत और चारण समाज के बीच पारंपरिक रूप से भाई-बहन जैसे संबंध का उल्लेख करते हुए इस रिश्ते पर आपत्ति जताई है। देवल ने कहा कि स्वर्गीय जसवंत सिंह का चारण समाज से गहरा जुड़ाव रहा है, ऐसे में यह घटनाक्रम समाज की भावनाओं को आहत करता है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि मानवेंद्र सिंह के कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखें और संबंधित परिवारों को सामाजिक आयोजनों में आमंत्रित न करें। फिलहाल, मानवेंद्र सिंह ने इस पूरे विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनका निजी मामला अब प्रदेश की राजनीति और समाज में बड़ी बहस का विषय बन गया है।
