यात्री पर कुत्ते के हमले के बाद प्रशासन से मांगा जवाब
जयपुर| इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर महिला यात्री पर हुए आवारा कुत्ते के हमले के मामले में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। आयोग ने इस घटना को सार्वजनिक सुरक्षा में गंभीर चूक माना है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जी.आर. मूलचंदानी ने सोमवार को पारित आदेश में मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि रविवार को टर्मिनल-2 के बाहर एक इजरायली महिला यात्री पर आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला दिल्ली से जयपुर पहुंची थी और अराइवल गेट के बाहर इस घटना का शिकार हुई। शोर सुनकर एयरपोर्ट स्टाफ मौके पर पहुंचा और प्राथमिक उपचार के बाद महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।आयोग के अनुसार, यह भी सामने आया है कि उसी कुत्ते ने पिछले सप्ताह तीन अन्य लोगों को भी काटा था, लेकिन उसे परिसर से हटाया नहीं गया। कुत्ते के टीकाकरण के बावजूद सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं आयोग ने टिप्पणी की कि प्रदेशभर में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट व राजस्थान हाईकोर्ट समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं। राजधानी और प्रमुख पर्यटन केंद्र होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर ऐसे खतरनाक हालात अस्वीकार्य हैं।आयोग ने कहा कि जिम्मेदारी केवल एयरपोर्ट प्रबंधन की ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट अथॉरिटी, सीआईएसएफ, जिला प्रशासन और नगर निगम की भी है कि ऐसे खतरनाक जानवरों को तुरंत पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। आयोग ने जयपुर कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, सांगानेर एयरपोर्ट डायरेक्टर, एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों, जयपुर नगर निगम आयुक्त और सांगानेर जोन के डिप्टी कमिश्नर को नोटिस जारी कर तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने देने के निर्देश दिए हैं।साथ ही आयोग ने एयरपोर्ट डायरेक्टर को निर्देश दिए हैं कि घायल महिला यात्री के उपचार पर हुए पूरे खर्च की भरपाई की जाए और उचित मुआवजा दिया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को 5 मार्च 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट, कार्रवाई विवरण और पीड़िता के चिकित्सा दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि राज्य के इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल पर भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए त्वरित और समन्वित कार्रवाई बेहद आवश्यक है।
