अलवर/ भिवाड़ी। राजस्थान के भिवाड़ी के सीमावर्ती हरियाणा क्षेत्र में दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। कापड़ियावास गांव के पास निर्माणाधीन आवासीय परियोजना में मिट्टी की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी ढह गई, जिससे कई श्रमिक उसके नीचे दब गए। हादसे में अब तक सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ अन्य को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। जानकारी के अनुसार हाईवे पर होटल राव के सामने स्थित निर्माणाधीन सोसाइटी में बेसमेंट के लिए गहरी खुदाई का काम चल रहा था। यह परियोजना रियल एस्टेट कंपनी सिग्नेचर ग्लोबल की बताई जा रही है। इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा धंस गया और वहां काम कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए।

राहत और बचाव कार्य जारी

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।

घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मलबे से अब तक सात मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं। कुछ अन्य श्रमिकों को घायल अवस्था में बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आशंका जताई जा रही है कि हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, इसलिए राहत कार्य देर रात तक जारी रहा।

जानें मृतकों और घायलों के नाम

डॉक्टरों ने सतीश, भागीरथ, मिलन, मंगोल, शिव शंकर, परमेश्वर समेत सात मजदूरों को मृत घोषित कर दिया, जबकि चार मजदूर छोटेलाल, शिवकांत, दीन दयाल, इंद्रजीत की हालत गंभीर है। इनका अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। जानकारी मिलते ही भिवाड़ी पुलिस भी सक्रिय हो गई है और पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की भी जांच की जा रही है।

दो घंटे तक प्रशासन को नहीं लगी भनक

हादसे को लेकर एक और गंभीर बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी स्थानीय प्रशासन को करीब दो घंटे तक नहीं लग सकी। इस दौरान साइट का मुख्य गेट बंद रखा गया और मीडिया को अंदर जाने नहीं दिया गया। देर रात तक मशीनों की मदद से मिट्टी हटाने का काम जारी रहा।

परिजनों को साइट पर नहीं जाने दिया

हादसे की सूचना मिलने पर कई घायल और मृतकों के परिजन निर्माण स्थल पर पहुंचे लेकिन बिल्डर की ओर से साइट का गेट बंद कर दिया गया। परिजनों को अंदर जाने से रोका गया और धक्का-मुक्की की भी सूचना है। मौके पर बाउंसर तैनात कर दिए गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना रहा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।