सामाजिक समरसता का संदेश, आदर्श विवाह में हुई खास पहल
बालोद|बालोद जिले में तहसील साहू समाज की ओर से आज ग्राम मेढ़की में आदर्श विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां 10 जोड़ों का सामूहिक विवाह सामाजिक और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया. इस आयोजन में एक अनोखी पहल भी देखने को मिली. छत्तीसगढ़ में संभवतः यह पहली बार हुआ होगा कि आदर्श विवाह कार्यक्रम के दौरान किसी धर्मांतरित परिवार ने घर वापसी की हो. मेढ़की गांव में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पांच धर्मांतरित परिवारों ने हिंदू धर्म में घर वापसी की है|
मंच पर किया सम्मानित
घर वापसी करने वाले सभी परिवारों को मंच पर पहुंचे अतिथियों ने सम्मानित किया. गंगा जल से उनके पैर धुलाए गए, जिसके बाद उन्हें गीता और रामायण के साथ भक्त माता कर्मा की प्रतिमा भेंट की गई. इस दौरान पूरे मंच पर जय श्री राम के जयकारों की गूंज सुनाई दी और माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्साहपूर्ण बना रहा|
शारीरिक समस्याओं के चलते किया था धर्मांतरण
धर्मांतरित परिवारों की घर वापसी के बाद परिवार के सदस्यों ने विस्तार न्यूज से बातचीत की है. इस दौरान उन्होंने बताया कि शारीरिक समस्याओं के चलते उन्होंने पहले धर्मांतरण किया था, लेकिन आज समाज के पदाधिकारियों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा समझाने के बाद उन्होंने पुनः हिंदू धर्म में लौटने का निर्णय लिया|
