सोना ₹1.44 लाख पर, चांदी में 12,000 रुपये का उछाल
नई दिल्ली। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेजी देखने को मिली। पश्चिम एशिया के हालात को लेकर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने फिर से बुलियन में खरीदारी बढ़ाई। चांदी की कीमत 12010 रुपये बढ़कर 2.36 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 5510 रुपये बढ़कर 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। हालांकि कई दिनों की गिरावट के बाद यह उछाल देखने को मिल रहा है।
वैश्विक बाजारों में सोने-चांदी का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में बुधवार को तेज उछाल दर्ज किया गया। पिछले कुछ सत्रों की गिरावट के बाद दोनों कीमती धातुओं ने मजबूती दिखाई, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान की खबरें हैं। एशियाई कारोबार के दौरान कॉमेक्स पर सोना करीब 4% चढ़कर 4,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमतों में और भी तेज बढ़त देखने को मिली। चांदी करीब 7% उछलकर 74.42 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।
क्यों बढ़े दाम?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान ने बातचीत के माहौल को सकारात्मक बनाने के लिए गुडविल जेस्चर दिया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ा हुआ है। वॉशिंगटन और क्षेत्रीय मध्यस्थ जल्द ही उच्च स्तरीय शांति वार्ता की संभावना तलाश रहे हैं, जो गुरुवार तक हो सकती है। हालांकि, ईरान की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
तनाव बरकरार, लेकिन उम्मीदें भी
हालांकि कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए हुए है, वहीं इस्राइल लगातार हमले कर रहा है। इस बीच अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाते हुए 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2,000 सैनिकों को तैनात करने का निर्देश दिया है। आने वाले दिनों में करीब 5,000 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की भी तैयारी है।
निवेशकों की रणनीति में बदलाव
पश्चिम एशिया संकट के चलते ऊर्जा कीमतों में उछाल आया है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा गहरा गया है। इससे ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका बढ़ी है, जो आमतौर पर सोने जैसे गैर-ब्याज देने वाले निवेश के लिए नकारात्मक होता है। इसके बावजूद, वैश्विक शेयर और बॉन्ड बाजार में गिरावट के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर लौट रहे हैं, जिससे सोना-चांदी में फिर से तेजी देखने को मिल रही है।
