‘क्या मैं कॉकरोच बन जाऊं?’ विजय माल्या ने सोशल मीडिया पर क्यों कही ये बात
लंदन: भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जा चुके कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर भारतीय जांच एजेंसियों और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लंदन में रह रहे माल्या ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर खुद को पीड़ित बताया। माल्या ने लिखा कि उनके साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है और वे इतने दबाव में हैं कि कभी-कभी लगता है कि कॉकरोच की तरह जिंदगी जीना इससे बेहतर होता।
14,000 करोड़ रुपये की वसूली पर माल्या का बड़ा दावा
विजय माल्या ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रस्तुत किए गए एक हलफनामे का संदर्भ दिया। उनका कहना है कि ईडी ने स्वयं अदालत में यह माना था कि उनसे 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल कर वर्ष 2021 में संबंधित बैंकों को सौंप दी गई थी। माल्या ने कहा कि जनता को उनकी बातों के स्थान पर अदालत में जमा किए गए सरकारी दस्तावेजों और हलफनामे पर गौर करना चाहिए।
स्वयं को 'भगोड़ा' कहे जाने पर जताई सख्त आपत्ति
भारत न लौटने के प्रश्न पर सफाई देते हुए माल्या ने कहा कि वे कोई भगोड़े नहीं हैं, बल्कि 1992 से ही ब्रिटेन के स्थायी निवासी (Permanent Resident) हैं। उन्होंने दावा किया कि कानूनी जटिलताओं और पाबंदियों के कारण वे ब्रिटेन छोड़कर नहीं जा सकते। माल्या ने सवाल उठाया कि जब बैंकों का बकाया चुकता किया जा चुका है, तो फिर उन्हें किस आधार पर 'भगोड़ा' या 'धोखाधड़ी करने वाला' कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी भारत में सशरीर मौजूदगी का बैंकों के पैसों के भुगतान से कोई लेना-देना नहीं है।
अदालत और केंद्र सरकार का रुख सख्त
मामले में केंद्र सरकार और अदालतों का रुख बेहद कड़ा बना हुआ है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत विजय माल्या और नीरव मोदी सहित 15 प्रमुख लोगों को आधिकारिक रूप से भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी माल्या को स्पष्ट हिदायत देते हुए कहा था कि न्यायिक प्रक्रिया से लगातार भागने वाला व्यक्ति समानता के आधार पर किसी राहत का हकदार नहीं हो सकता। अदालत ने उनसे भारत वापस लौटने की मंशा पर अंतिम जवाब मांगा था।
