संघर्षों से लड़कर फाइनल तक पहुंचीं मुक्केबाज प्रीति, स्वर्ण जीतने का सपना अब बस एक कदम दूर
नई दिल्ली| भारतीय महिला मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अपना शानदार और आक्रामक प्रदर्शन जारी रखते हुए महिला 54 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल मुकाबले में धमाकेदार प्रवेश कर लिया है। शुक्रवार को खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने जाम्बिया की मुक्केबाज कैथरीन म्वापे को एकतरफा अंदाज में 5-0 से करारी शिकस्त दी। इस शानदार जीत के साथ ही भारत के लिए कम से कम रजत पदक पूरी तरह पक्का हो चुका है, हालांकि अब उनकी निगाहें सीधे स्वर्ण पदक पर टिकी हुई हैं। खिताबी मुकाबले में प्रीति का मुकाबला कनाडा की मजबूत खिलाड़ी स्कारलेट डेलगाडो से होगा।
'ठीक से खाना भी नहीं खा पाते, लेकिन लक्ष्य रहता है सामने'
सेमीफाइनल में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद प्रीति ने मुक्केबाजों के लिए सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली 'वेट कटिंग' (वजन कम करने की प्रक्रिया) पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, 'यह हमारी कड़ी ट्रेनिंग का एक अहम हिस्सा है। यही संघर्ष हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यह प्रक्रिया वाकई थोड़ी मुश्किल होती है, क्योंकि इस दौरान हमें कई बार ठीक से खाना भी नसीब नहीं होता। लेकिन यह अहसास ही काफी होता है कि हम स्वर्ण पदक से सिर्फ एक कदम दूर हैं।'
सेमीफाइनल मुकाबले में पूरी तरह हावी रहीं प्रीति
मैच की शुरुआत में दोनों ही खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन बहुत जल्द प्रीति ने अपने तेज तर्रार जैब, सटीक लेफ्ट पंच और बेहतरीन फुटवर्क के दम पर मुकाबले पर पूरी तरह से नियंत्रण बना लिया। उन्होंने अपनी विरोधी कैथरीन म्वापे पर लगातार दबाव बनाए रखा और उन्हें मुकाबले के दौरान तीन बार स्टैंडिंग एट काउंट लेने के लिए मजबूर कर दिया। पूरे मुकाबले के दौरान प्रीति ने गजब का संयम और कौशल दिखाया तथा शानदार बॉडी शॉट्स के बूते सर्वसम्मत फैसले (unanimous decision) से जीत अपने नाम की।
अब देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का पूरा भरोसा
फाइनल का टिकट कटाने के बाद गदगद प्रीति ने कहा, 'मैं बेहद खुश हूं कि मैंने भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब फाइनल मुकाबले में अपना सौ प्रतिशत दूंगी और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर ही लौटूंगी।' इस सफलता के बाद उन्होंने भारतीय सेना, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स का भी तहदिल से शुक्रिया अदा किया।
भारतीय सेना का जताया आभार
उल्लेखनीय है कि पिछले साल सीधे जूनियर कमीशंड ऑफिसर (JCO) के पद पर भारतीय सेना में शामिल होने वाली वह देश की पहली महिला खिलाड़ी बनी थीं। सेना के समर्थन को याद करते हुए प्रीति ने कहा, 'मैं भारतीय सेना की बेहद आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर अटूट विश्वास जताया। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखूंगी और सभी देशवासियों के साथ-साथ भारतीय सेना के वीर जवानों का भी नाम पूरी दुनिया में रोशन करूंगी।'
