गाजियाबाद के ब्रिज विहार में चार बिजली के पोल गिरे, दो घंटे तक दहशत का माहौल
गाजियाबाद। सूर्या नगर स्थित ब्रिज विहार एमआईजी इलाके में शुक्रवार की सुबह करीब 5:30 बजे एक के बाद एक चार विद्युत पोल अचानक भरभराकर गिर गए। घटना के समय बड़ी संख्या में लोग सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) पर निकले हुए थे। पोल गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागे। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई व्यक्ति पोल या हाई वोल्टेज बिजली के तारों की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, पोल गिरने से वहां खड़ी तीन कारें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।
हादसे के करीब दो घंटे बाद तक गिरे हुए पोल और सड़कों पर फैले तारों में करंट दौड़ता रहा। इसे बंद कराने के लिए स्थानीय लोग संबंधित अधिकारियों को लगातार फोन मिलाते रहे, लेकिन लाइन व्यस्त आती रही। सुबह करीब साढ़े सात बजे जब बिजली आपूर्ति रोकी गई, तब तक लोग अपनी और वहां से गुजरने वाले अन्य राहगीरों की सुरक्षा के लिए खुद ही घटनास्थल पर मुस्तैद रहे।
दो घंटे तक दौड़ता रहा करंट, बिजली विभाग की लापरवाही से नाराजगी
प्रत्यक्षदर्शी पूनम त्यागी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद लोग ऊर्जा निगम के अधिकारियों और संबंधित शिकायत केंद्र पर लगातार फोन करते रहे, लेकिन करीब दो घंटे तक किसी भी अधिकारी की ओर से न तो फोन उठाया गया और न ही तुरंत बिजली आपूर्ति बंद की गई। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि सुबह 7:30 बजे बिजली काटने के बाद से इलाके में दिनभर आपूर्ति ठप रही, जो शाम करीब छह बजे जाकर बहाल हो सकी।
घटिया निर्माण और गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय निवासी कार्तिकेय व अन्य लोगों का कहना है कि जिन विद्युत पोलों के गिरने से यह घटना हुई, उन्हें करीब दो वर्ष पहले ही ऊर्जा निगम की तरफ से लगाया गया था। इतने कम समय में पोलों का इस तरह गिर जाना, उनकी गुणवत्ता और स्थापना कार्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं अजय त्यागी ने बताया कि हादसे में तीनों कारें पीछे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गाड़ियों के पीछे के शीशे और दोनों लाइटें टूट गई हैं, जिससे वाहन स्वामियों को करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऊर्जा निगम को इस घटना से सबक लेते हुए पूरे क्षेत्र में लगे विद्युत पोलों का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा न हो।
पेड़ की डाल गिरने से हुआ हादसा: ऊर्जा निगम
बृजेश कुमार (मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम): "पास में स्थित एक पीपल के पेड़ की भारी डाल टूटकर बिजली की लाइन पर गिर गई थी। अत्यधिक वजन और खिंचाव के कारण ही ये पोल गिरे हैं। सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया था। इसके बाद युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराकर शाम करीब छह बजे तक क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सामान्य करा दी गई थी।"
