भोपाल। नगर निगम भोपाल लेखा शाखा के चेक सेक्शन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। शिकायत में दावा किया गया है कि पिछले लगभग 20 वर्षों से एक ही विभाग में जमे तीन दैनिक वेतन भोगी / विनिमित कर्मचारी  शेर सिंह राजपूत, संदीप कुमार गुप्ता और गोपी सैनी — ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भारी अनियमितताएँ की हैं। सूत्रों के अनुसार आरोप है कि ये कर्मचारी चेक क्लियर करवाने और भुगतान जल्दी कराने के नाम पर फर्मों से अवैध वसूली करते हैं। यही नहीं, दैनिक वेतनभोगी होने के बावजूद इनकी चल-अचल संपत्ति में अचानक और असामान्य वृद्धि भी सवालों के घेरे में है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इनके करीबी रिश्तेदारों के नाम पर कई फर्में नगर निगम में पंजीकृत हैं, जिन्हें चेक सेक्शन में इन कर्मचारियों के प्रभाव के कारण कार्य और भुगतान दोनों में प्राथमिकता मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील विभाग—विशेषकर चेक सेक्शन—में लगातार दो दशक तक एक ही कर्मचारियों का बने रहना स्वयं ही भ्रष्टाचार की आशंका को मजबूत करता है। रिश्तेदारों की फर्मों के दस्तावेज,और 20 साल की पदस्थापना फाइलकी उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।अब देखना यह है कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है।